बाजत आजुं बधाई बरसाने में, कुंवर किशोरी ने जन्म लियौ है

- 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्ती एवं औषधियों से जहां पहले मूल शांति हुई वहीं उसके बाद सवा मन दूध, दही, घी, बूरा और शहद सहित वैदिक मंत्रों के मध्य किया गया अभिषेक   वृन्दावन, 18 सितम्बर 2018, (VT) मंदिर परिसर ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। राधाष्टमी पर बरसाना में उमंग का माहौल था और उल्लास की चमक। इसी बीच कदम दर … [आगे पढ़ें...]

प्राकट्योत्सव विशेष: श्रीजी के नेत्रों में अंजन, काजल लगाया करती थीं इंदुलेखा सखी

- एक बार श्रीजी के स्नान करने के बाद इंदुलेखा सखी अंजन लगाना भूल गयी थीं, तब श्रीकृष्ण ने श्रीजी के नेत्रों में एक पत्थर की शिला से काजल लगाया था, इस स्थान को कजरौटी शिला कहते है। वृन्दावन, 18 सितम्बर 2018, (VT) बरसाना से चार किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित आजनौंख गांव श्री राधाजी की अष्टसखियों में से एक इंदुलेखा सखी का गांव है। श्रीजी को … [आगे पढ़ें...]

प्राकट्योत्सव विशेष: गौर लीला में श्री राय रामानन्द जी का रूप हैं श्रीविशाखा सखी

- श्री राधाकृष्ण के वस्त्र व आभूषण की है वृन्दावन, 18 सितम्बर 2018, (VT) श्री विशाखा सखी के शरीर की चमक बिजली की भांति और शरीर का रंग गौर वर्ण है। इनके वस्त्रों की चमक तारों जैसी होती है और ये चमकते हुए सितारे लगे नीले वस्त्र धारण करती हैं। श्री विशाखा जी की सेवा श्री राधाकृष्ण के वस्त्र व आभूषण की है। इनकी आयु चैदह वर्ष, दो मास, … [आगे पढ़ें...]

प्राकट्योत्सव विशेष: प्रिया-प्रियतम की ताम्बूल सेवा करती थी ललिता सखी

- सब सखियों में बड़ी थी ललिता सखी   - कुंजन में ललिता जी, प्यारी जू को गेंद का खेल खिलाती हैं तो कभी वन-विहार, नौका विहार के लिये ले जाती हैं वृन्दावन, 18 सितम्बर 2018, (VT) श्रीराधारानी की अष्टसखियों में एक श्रीललिता सखी भी थी, जिनके शरीर की मनोहर कांति गोरोचन की कांति के समान है, जिनके वस्त्रों की छवि मोरपुच्छ सदृश है। श्रीललिता सखी सब … [आगे पढ़ें...]

अनन्य नृपति श्री स्वामी हरिदास…”ऐसो रसिक भयौ नही ह्वै है भू-मण्डल आकास”

गोपाल शरण शर्मा  Vrindavan Today : 17.09.2018 : भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को जहां वृषभानु सुता की लाडली श्रीराधारानी का प्राकट्य हुआ वहीं यह दिन संगीत शिरोमणि रासिकाचार्य स्वामी श्री हरिदास जी के जन्मोत्सव का भी होता है।   अनन्य नृपति श्री स्वामी हरिदास। कुंजबिहारी सेये विनु जिन छिन न करी काहू की आस। सेवा सावधान अति जान … [आगे पढ़ें...]

गोमा टीले से गोविन्ददेव जी के साथ प्रकटे थे बड़े दाऊजी महाराज, महाभिषेक आज

- ब्रज में और कहीं नहीं विराजित है दाऊजी महाराज का इतना विशाल विग्रह - राजा जयसिंह की बेटी दाऊजी का जयपुर ले जाना चाहती थी, लेकिन स्वप्न देकर ब्रज न छोड़ने की बात कहीं थी ब्रजराज ने वृन्दावन, 16 सितम्बर 2018, (VT) जिस तरह वृन्दावन का प्राचीन स्वरूप धीरे-धीरे से नष्ट होता जा रहा हैं, ठीक वैसे वृन्दावन में प्राचीन मंदिर की उपेक्षा एवं … [आगे पढ़ें...]

मुगलकाल से आज तक दाऊजी महाराज के श्रीचरणों में समर्पित होती है शाही ग्रांट

- ब्रजराज दाऊजी महाराज के प्राकट्योत्सव पर आलेख   - सरकारी खजाने से आज तक मंदिर को प्रतिवर्ष भेंट की जाती है शाही ग्रांट - तत्कालीन क्षेत्रीय प्रशासक (वजीर) नजफ खाँ बहादुर के हस्ताक्षर से शाही मुहर द्वारा किया गया था प्रसारित वृन्दावन, 16 सितम्बर 2018, (VT) एक दिन श्री कल्याण-देवजी को ऐसी अनुभूति हुई कि उनका मथुरा तीर्थाटन का आदेश दे … [आगे पढ़ें...]

पुरूषोत्तम भाषा से ऊर्जित-हिन्दी

: डॉ.राजेश शर्मा वृन्दावन, हिन्दी दिवस के अवसर पर बात अगर इसके इतिहास और सांस्कृतिक यात्रा की हो तो चर्चा ब्रज तक पहुँचना स्वाभाविक है।अगर हम हिन्दी की गौरवगाथा के पन्ने उलटते हैं तो दिखता है कि एक समयभाषा शब्द का पर्याय समझे जाने वाली ब्रजभाषा का बोलबाला अपने समीपवर्ती ही नहीं अहिन्दी भाषी क्षेत्रों तक था। श्रीकृष्ण के सखा, गोपी-ग्वाल … [आगे पढ़ें...]

हिन्दी के बचपन को ब्रज-मंदिरों के पोथीखानों से मिला संबल

– हिन्दी साहित्य का आरम्भिक केन्द्र रहा ब्रज वृंदावन – देवालयी संस्कृति की देन है प्राचीन हिन्दी साहित्य – बादशाह अकबर ने ग्रंथ लेखन के लिए वृंदावन में दिया था कागज वृंदावन। हिन्दी में सर्वाधिक समृद्घ साहित्य ब्रजभाषा में ब्रज क्षेत्र में रचा गया। 16वीं से 19वीं शताब्दी तक न केवल ब्रज क्षेत्र में बल्कि पूरे भारत में ब्रजभाषा … [आगे पढ़ें...]

वृन्दावन हरित सम्माह समारोह में हरित क्रांति स्थापित करने के लिए सम्मानित हुए हरित प्रेमी

- गौ संरक्षण, सघन वृक्षारोपण के सफल प्रयास, हरित लेखक, हरित मंदिर एवं हरित विद्यालय - झालर और घंटो की ध्वनि पर खूब नाचे भगवान वराह देव   वृन्दावन, 14 सितम्बर 2018, (VT) वाराह जयंती के अवसर पर जयसिंह घेरा स्थित गम्भीरा में आयोजित वृंदावन हरित सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में हरित क्रांति स्थापित करने के लिए संस्थाओं एवं व्यक्तियों … [आगे पढ़ें...]