अध्यादेश लाकर बनाएं गोवर्धन में श्राइनबोर्ड: एनजीटी

– राजस्थान, उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार
– सप्ताह के अंतर से राजस्थान को विकास कार्यो के निरीक्षण का आदेश नवंबर को अधिकरण करेगा मामले की अगली सुनवाई
वृन्दावन, गोवर्धन, 03 नवम्बर 2018, (VT) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उप्र और राजस्थान सरकार से कहा है कि वह जल्द अध्यादेश लाकर गोवर्धन में श्रइन बोर्ड गठित करें, जिससे गोवर्धन नगर और गिरिराज परिक्रमा में जरूरी कार्य तेजी से हो सकें। राजस्थान सरकार के अधिवक्ता ने इसके लिए कुछ समय मांगा, तो पीठ ने कहा कि इसी रफ्तार से कार्य हुआ तो सालों लग जाएंगे।
गिरिराज परिक्रमा संरक्षण समिति की याचिका पर गुरुवार को एनजीटी के जस्टिस रघुवेंद्र सिंह राठौर और डॉ. सत्यवान सिंह की पीठ ने सुनवाई की। राजस्थान सरकार की ओर से कोर्ट में उपस्थित देवस्थान विभाग के कमिश्नर को हर दो सप्ताह में विकास कार्यों का निरीक्षण करने को कहा।
वहीं याचिका से जुड़े अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने पीठ के समक्ष कहा कि गिरिराज के वन व निकाय क्षेत्रों के अतिक्रमणों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दानघाटी के आगे के क्षेत्र में अतिक्रमण का मसला भी उठाया। इस पर बेंच ने प्रदेश व राजस्थान सरकार से कहा कि आदेशों का अनुपालन नहीं किया, तो सभी संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगेगा।
उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अर¨वद सिंह ने मानसी गंगा, दानघाटी और जतीपुरा में मंदिरों से निकलने वाले दूध के निस्तारण के सवाल पर बताया कि यहां एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का काम पूरा हो चुका है। केवल एक जगह कनेक्शन होना बाकी है।  DKS

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