प्रकटे बांकेबिहारी, चांदी के रथ में बधाई देने निकले स्वामी हरिदासजी

– शोभायात्रा में भगवान गणेश, राधा कृृष्ण की झांकी, हरिदास संप्रदाय के रसिक संतों की सवारी के साथ चांदी के रथ में अपने लाडले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को संगीत शिरामणि स्वामी हरिदासजी गोद में लिए विराजमान थे
– ठाकुर बांके बिहारी के पाकट्य महोत्सव पर सुबह सात बजे मंदिर सेवायतों ने ठाकुरजी का प्रतीकात्मक अभिषेक किया
वृन्दावन, 13 दिसम्बर 2018, (VT) माई री सहज जोरी प्रगट भई, जु रंग की गौर-स्याम घन-दामिनि जैसैं। प्रथम हूं हुती, अब हूं आगें हूं रहिहै, न टरिहै तैसैं।। अंग-अंग की उजराई-सुघराई-चतुराई-सुंदरता ऐसैं। श्रीहरिदास के स्वामी स्यामा-कुंजबिहारी, सम वैस वैसैं। भक्तों द्वारा केलीमाल के पदों के गायन के बीच बुधवार की सुबह पांच बजे संगीत शिरोमणी स्वामी हरिदास महाराज के लाडले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज का प्राकट्योत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया।
ठाकुर बांकेबिहारी की प्राकट्यस्थली निधिवनराज से लेकर बांकेबिहारी मंदिर तक बधाइयां गाईं गईं। सुबह निधिवनराज में ठाकुर श्री बांकेबिहारी महाराज की प्राकट्य स्थली का सुबह पांच बजे सेवायत भीकचंद्र गोस्वामी, रोहित गोस्वामी, बच्चू गोस्वामी के साथ ही देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने महाभिषेक किया। निधिवनराज स्वामी हरिदासजी और ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
चांदी के रथ में बधाई देने निकले स्वामी हरिदासजी
बांके बिहारी महाराज के प्राकट्योत्सव पर सुबह श्रीनिधिवनराज मंदिर से बधाई शोभायात्रा निकाली गई। बारिश के कारण शोभायात्रा आधे घंटे देरी से शुरू हुई। पहली बार स्वामी हरिदासजी चांदी के रथ में विराजमान होकर अपने लाडले ठाकुर को बधाई देने निकले। रथ के आगे श्रद्धालु रंगोली बनाते चल रहे थे। शोभायात्रा में भगवान गणेश, राधा कृृष्ण की झांकी, हरिदास संप्रदाय के रसिक संतों की सवारी के साथ चांदी के रथ में अपने लाडले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को संगीत शिरामणि स्वामी हरिदासजी गोद में लिए विराजमान थे।
अन्य राज्यों से आईं महिलाएं और युवतियां डांडिया एवं नृत्य करती चल रही थीं। महिला श्रद्धालु सोहनी सेवा करती चल रही थीं। दोपहर लगभग एक बजे शोभायात्रा के बांके बिहारी मंदिर पहुंचने पर सेवायतों द्वारा शोभायात्रा का आरती उतार स्वागत किया। इसके बाद ठाकुर बांके बिहारी महाराज का भोग लगाकर राजभोग आरती की गई।

ठाकुरजी का हुआ अभिषेक
ठाकुर बांके बिहारी के पाकट्य महोत्सव पर सुबह सात बजे मंदिर सेवायतों ने ठाकुरजी का प्रतीकात्मक अभिषेक किया। इसके बाद ठाकुर बांके बिहारी महाराज को पीली पोशाक धारण कराई गई। अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। DKS

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