अभी नहीं सुधरे हालात, सांड़ों का आंतक बरकरार

-सांसद हेमा के आने पर हुआ हमला तो एसएस का कर दिया निलंबन
– रेल प्रशासन अभी भी नहीं रोक पा रहा जानवरों का प्रवेश
जंक्शन, रेल पटरियां भी नहीं हैं सुरक्षित 
वृन्दावन, 08 नवम्बर 2017,(VT) रेलवे के स्टेशन अधीक्षक (एसएस) के निलंबन के बाद भी पर हालात सुधरे नहीं हैं। सांसद हेमा मालिनी के साथ घटी घटना के बाद जागा रेलवे प्रशासन अभी तक यहां आतंक मचाने वाले साड़ों को काबू में नहीं कर पाया है। रविवार को भी यहां सांड़ यात्रियों को दौड़ाते रहे। प्लेटफार्म नंबर एक पर सांड़ को देख यात्रियों में अफरा-तफरी मची रही।
एक नवंबर को सांसद हेमा मालिनी और रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सांड़ के हमले में चोटिल होने से बचे थे। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन में खलबली मच गई। प्रकरण ने तूल पकड़ा तो एसएस केएल मीणा को निलंबित कर दिया गया। पर जानवरों का प्रवेश रोकने के लिए योजना बनाई गई। पांच स्थान भी चिन्हित कर लिए गए, जहां से जानवर ज्यादा प्रवेश करते हैं।
मुख्य एंट्री के सकरुलेटिंग एरिया में जानवरों का प्रवेश रोकने को रैलिंग लगना भी शुरू हो गई। तमाम हल्ला और प्रयास के बाद भी प्लेटफार्म पर जानवरों का प्रवेश रोकने में रेलवे प्रशासन असफल साबित रहा है। रविवार को प्लेटफार्म पर जानवर घूमते रहे। प्लेटफार्म नंबर एक पर आगरा की तरफ सांड आराम से घूमता रहा। इस पर किसी की निगाह नहीं थी। जबकि कुछ यात्री चोटिल होने से भी बचे। प्लेटफार्म नंबर सात पर भी जानवर घूमते दिखाई दिए।
वीआइपी के चोटिल होने पर बचने के लिए रेलवे प्रशासन ने एसएस केएल मीना को तो निलंबन कर दिया, लेकिन यात्री चोटिल होने से बचने पर किस का निलंबन किया जाए, इसका जवाब भी रेलवे प्रशासन को देना चाहिए। डॉयरेक्टर एनपी सिंह ने बताया कि जानवरों को रोकने के लिए रैलिंग लगाई जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे प्रशासन गंभीर है। कहां-कहां से घुसते हैं जानवर।
हमको हटा सके जमाने में दम नहीरू रेलवे पर सांड़ों को लेकर हडकंप मचा हुआ है, सांड़ प्रवेश न कर पाएं इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व सांसद हेमा मालिनी के निरीक्षण के दौरान अचानक एक सांड़ के आ जाने पर वह चोटिल होने से बच गईं थीं। कार्रवाई में रेलवे प्रशासन को एक अधिकारी निलंबित करना पड़ा। लेकिन सांड़ भी अपना रौब दिखाते हुए अपना रास्ता खोज ही लेते हैं। रविवार की सुबह खूंखार सांड़ से अपने आप को बचाते हुए यात्रियों को देखा गया। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन सांड़ों की समस्या से कैसे निपटता है?। एक सांड़ पकड़ा, रेलवे प्रशासन ने रविवार को एक सांड़ पकड़कर जन्मभूमि गोशाला भेजा दिया। अन्य सांड़ भी पकड़वाकर गोशालाओं में भेजे जाएंगे।

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