वृन्दावन शोध संस्थान में हुआ बसंतोत्सव-2019 का शुभारंभ

– ‘मूर्त एवं अमूर्त संदर्भों में बसंत’ प्रदर्शनी आमजन के लिए आरंभ
– ‘स्वामी दामोदरदास ग्रंथावली’ का हुआ लोकार्पण
– ब्रजभाषा साहित्य और संस्कृति में बसंत शीर्षक संगोष्ठी 12 फरवरी को

वृन्दावन, वृन्दावन शोध संस्थान में बसंतोत्सव के अवसर पर ‘मूर्त एवं अमूर्त संदर्भों में बसंत’ विषयक दस दिवसीय प्रदर्शनी, का शुभारंभ राधाबल्लभ संप्रदायाचार्य श्रीहित राधेशलाल गोस्वामी एवं स्वामी श्री महेशानंद जी के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ब्रज संस्कृति की सेवा में वृन्दावन शोध संस्थान महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। बसंतोत्सव-2019 के माध्यम से बसंत विषयक अप्रसारित संदर्भों को आमजन से साझा करना सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा ब्रज में हर उत्सव को युगल सरकार के साथ जोड़ कर मनाया जाता है। यही बात ब्रज को खास बनाती है।
संस्थान के अध्यक्ष आर.डी.पालीवाल ने कहा शोध अध्येताओं एवं विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के अंतर्गत बसंत से जुड़ी लिखित परंपरा तथा इसके विराट सांस्कृतिक परिदृश्य को सचित्र रूप में संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जो दस दिनों तक चलेगी।

डॉ.अच्युतलाल भट्ट ने कहा ब्रज संस्कृति में युगल सरकार की सेवा के साथ बसंत का समन्वय देखते ही बनता है। इस परिकल्पना को प्रदर्शनी के माध्यम से साकार रूप देते हुए आमजन तक पहुंचाना हर्ष का विशय है। संस्थान की सचिव श्रीमती सुशीला गुप्ता ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंतर्गत भारतकोश के संस्थापक आदित्य चौधरी के द्वारा बसंत विषयक काव्य पाठ किया गया। इस दौरान श्रीशांतापद्म उ.मा.विद्यालय तथा के.आर.मेमोरियल विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर हिन्दी काव्य, भक्तिकाल एवं साझा संस्कृति में बसंत को प्रदर्शनी के माध्यम से समझा।

इस अवसर पर हित आनंदलाल गोस्वामी, विशाललाल गोस्वामी, डॉ. गोविन्दलाल गोस्वामी, डॉ.अच्युतलाल भट्ट, संस्थान की सचिव श्रीमती सुशीला गुप्ता, वनमहाराज कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ.प्रतापपाल शर्मा, आचार्य विष्णुमोहन नागार्च, पं.सुरेशचन्द्र शर्मा, पं.दयाशंकर शर्मा बौहरे, नरपत सिंह शेखावत, रामनारायण ब्रजवासी, राजकीय संग्रहालय मथुरा के उप-निदेशक डॉ.एस.पी.सिंह, आहार विशेषज्ञ चंदन पाण्डेय, डॉ.वसीम मुहम्मद, डॉ.पी.एल.भरतिया, डॉ.उमा भास्कर, डॉ.राजेन्द्रकृष्ण अग्रवाल, शाश्वत रंगाचार्य, विजयबल्लभ गोस्वामी, गोपालनारायण ब्रजवासी, कुलदीप, पुष्पराज शर्मा, संगीता तनेजा, अमित शर्मा, इन्दरपाल सिंह, पुनीत शर्मा एवं सोनू शर्मा सहित अनेकों लोग उपस्थित थे।

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– संस्कृति प्रेमियों को लुभा रही प्रदर्शनी।

वृन्दावन शोध संस्थान में बसंतोत्सव – 2019 के अंतर्गत आयोजित प्रदर्शनी विद्यार्थियों के साथ ही संस्कृति प्रेमी जनों को भा रही हैं। ब्रज संस्कृति के भोग-राग और श्रृंगार में बसंत, बसंत की आंचलिक विस्तार यात्रा, इसके अप्रसारित संदर्भ तथा साझा संस्कृति में बसंत संबंधी जानकारियों को सुन सभी उत्साहित हैं। संयोजक डॉ.राजेश शर्मा ने बताया प्रदर्शनी की परिकल्पना शोध अध्येताओं तथा छात्र-छात्राओं के ज्ञानवर्द्धन की दृष्टि से तैयार की गई।

 

– ‘स्वामी दामोदरदास ग्रंथावली’ का हुआ लोकार्पण।

कार्यक्रम के अंतर्गत 17वीं सदी के रचनाकार स्वामी दामोदरदास जी की समग्र पाण्डुलिपियों का सम्पादन कर तैयार किये गये ग्रंथ ‘स्वामी दामोदर दास ग्रंथावली’ का लोकार्पण राधाबल्लभ सम्प्रदायाचार्य गो.श्रीहित राधेशलाल, स्वामी महेशानंद सरस्वती, डॉ.अच्युतलाल भट्ट, संस्थान के अध्यक्ष आर.डी.पालीवाल एवं आदित्य चौधरी जी के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

 

 


– ब्रजभाषा साहित्य और संस्कृति में बसंत शीर्षक संगोष्ठी 12 फरवरी को।

संस्थान के निदेशक सतीशचन्द्र दीक्षित ने कहा इसी क्रम में मंगलवार को ‘ब्रजभाषा साहित्य और संस्कृति में बसंत’ विषयक संगोष्ठी एवं समाज गायन का आयोजन होगा। जिसमें स्थानीय विद्वानों के साथ ही अन्य अंचलों के विद्वान भी सहभागिता करेंगे। उन्होंने बताया विद्वानों के द्वारा प्राप्त शोध आलेख संस्थान की पत्रिका ब्रज सलिला के विशेषांक में प्रकाशित किये जायेंगे।

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