महारास का साक्षी वृन्दावनस्थ : वंशीवट

-- वनदेवी वृन्दा के तप का सुफल - महारास हेतु वृन्दावन का चयन वृन्दावन। द्वापर की उस शरद पूर्णिमा को श्री कृष्ण का वेणुनाद कोई साधारण बात नहीं अपितु उस महा- रासोत्सव में गोपिकाओँ के आमंत्रण हेतु योगीराज की बाँसुरी से निसृत वह ह्रदय स्पर्शी वादन था , जिसे सुन देव , गंधर्व और बड़े - बड़े साधक जन वृन्दावन के वंशीवट पर उपस्थित होने को लालायित … [आगे पढ़ें...]

एनजीटी के आदेश पर गिरिराज पर्वत के चारों ओर लगेगी जाली

- एनजीटी द्वारा गिरिराज पर्वत को हेरिटेज बनाने के दिशा-निर्देश के बाद प्रशासन तलहटी के संरक्षण एवं सुंदरीकरण के कार्य में जुटा - आगामी 11 अक्तूबर को एनजीटी में जवाब दाखिल करना है Vrindavan 08.10.2018 गोवर्धन (मथुरा), (VT) एनजीटी द्वारा गिरिराज पर्वत को हेरिटेज बनाने के दिशा-निर्देश के बाद प्रशासन तलहटी के संरक्षण एवं सुंदरीकरण के कार्य … [आगे पढ़ें...]

अपने प्रिय मूलचंद्र की बांट जोह रही मथुरा म्यूजियम की मूर्तियां

-ब्राह्मी लिपी का माहिर पांचवीं पास मूलचंद नहीं रहा   -मथुरा संग्रहालय में ४० साल तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी की वृन्दावन, 08 अक्टूबर 2018, (VT) दुनिया भर में विख्यात मथुरा म्यूजियम की मूर्तियां आज बेहद उदास हैं, ये मूर्तियां अपने प्रिय मूलचंद की बाट जोह रही है, इन सदियों पुरानी बेजान मूर्तियों को नहीं मालूम कि मूलचंद अब … [आगे पढ़ें...]

नई चेतना पाकर मुखरित हो उठी थी ब्रज की सांझी कला चाचा श्रीहित वृन्दावनदास जी महाराज के योगदान से

-साँझी के अमर रचनाकार चाचा श्रीहित वृन्दावनदास जी    - रासलीलायें हों या समाज गायन सभी में चाचा जी कृत साहित्य पिछले लगभग २५०-३०० वर्षों से ब्रज की सौंधी सुगन्ध का अनुभव कराता आ रहा है साँझी खेलनि के दिन आये, चलि बलि ल्यावैं फूल हो। आज्ञा दई कुँवरि तब एसैं, चलिये वट संकेत हो।। -- वृन्दावन, 04 अक्टूबर 2018। ब्रज की साँझी कला को नव आयाम … [आगे पढ़ें...]

श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा के गलियारों से होकर निकलेंगे मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम, रामलीला शुरू

- सर्वप्रथम श्रीराम, जानकी, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, हनुमानजी, ब्रह्मा, शिव आदि के मुकुट, पोशाकों का पूजन कर सभी स्वरूपों तथा अन्य पात्रों का वरण-बंधन किया जाएगा - सायं चार बजे जन्मस्थान से श्री गणेशजी की शोभायात्रा अनेक आकर्षित झांकियों, काली अखाड़ों व मथुरा-आगरा के प्रसिद्ध बैंडों के साथ प्रारंभ होगी। इसमें श्रीराम, जानकी, भरत, लक्ष्मण, … [आगे पढ़ें...]

बुराई रहित होना विश्व की सर्वोपरि सेवा

- सत्य प्रवचन -हमारी किसी बात से दूसरे का ह्रदय यदि बदले तो यह हमारे द्वारा स्थाई सेवा हुई वृन्दावन, 2 अक्टूबर 2018, (VT) मैं और अहम में क्या फर्क है? फर्क यह है कि अहम जो तत्व है वह समष्टि के लिए कहते हैं, सब को मिलाकर जैसे- विश्वोहम, शिवोहम, ’’जगतोहम’’! अहम के अंदर आ जाता है जगत और श्मैंश् के अंदर मैं हूं! तो मन, वाणी, कर्म से … [आगे पढ़ें...]

शिरोमणी की भूमि पर विलुप्त हो रही है संगीत की विधा

- स्वामी हरिदास ने जो संगीत हमें दिया, वह दुनिया में किसी ग्रंथ से कम नहीं- उस्ताद अकरम खां   - संगीत के तीर्थ में स्वामीजी की संगीत परंपरा के विलुप्त होते परिदृश्य को देखकर दुखी नजर आए शास्त्रीय गायक राशिद खां वृन्दावन, 24 सितम्बर 2018, (VT) संगीत सम्राट स्वामी हरिदास के आविर्भाव महोत्सव पर वृंदावन में दो जगह संगीत समारोह आयोजित हुए। … [आगे पढ़ें...]

कजरी बरसन लागी कारी बदरिया… और नटवर नागर नंदा

- ठाकुर सनेह बिहारी मंदिर में आयोजित स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन एवं कलारत्न सम्मान समारोह में हुआ शास्त्रीय गायन - कोलकाता से आईं नृत्यांगना अनुप्रिया मुखर्जी, सितार वादक पंडित राजीव जनार्दन, मालोविका मंडल एवं रुद्र वीणा वादक शारदा मुस्टी आदि ने वातारण को किया संगीतमय  वृन्दावन, 22 सितम्बर 2018, (VT) ठाकुर सनेह बिहारी मंदिर में … [आगे पढ़ें...]

प्रथम दरस गोविन्द रूप के प्राण प्यारे… श्रील रूप गोस्वामी जी के तिरोभाव महोत्सव पर विशेष ::

वृन्दावन, 24 Aug 2018, (VT ) श्रीराधारानी की अनुगता सखियों में प्रधाना श्री ललिता सखी .....श्री ललिता जी की अनुगता मंजरियों में प्रधान श्रीरूप मंजरी के अभिन्न स्वरूप हैं - श्रील रूप गोस्वामी। श्रीरूप गोस्वामी श्रीगौरलीला में षड गोस्वामियों में प्रधान हैं। आप पूर्व बंगाल में कुमारदेव ब्राह्मण के पुत्र के रूप में अवतरित हुए। इनका जन्म 1493 … [आगे पढ़ें...]

चरणामृत का महत्व एवं लाभ सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि चिकित्सकीय भी

- आयुर्वेदिक मतानुसार तांबे के पात्र में अनेक रोगों को नष्ट करने की शक्ति होती है जो उसमें रखे जल में आ जाती है - तुलसी चरणामृत लेने से मेधा, बुद्धि, स्मरण शक्ति को बढ़ाता है। वृन्दावन, 23 अगस्त 2018, (VT) चरणामृत का फल जब हम मंदिर जाते है तो पुजारी जी हमें भगवान का चरणामृत देते है, क्या कभी हमने ये जानने की कोशिश की कि चरणामृत का क्या … [आगे पढ़ें...]